चेन्नई की निशा रामासामी बच्चों के लिए बच्चों के लिए खिलौने विकसित कर रही है, यह काम उसने पांच साल पहले अपनी तीन महीने की बेटी की खातिर शुरू किया था। चेन्नई की निशा रामासामी बच्चों के लिए लकड़ी से बना रही हैं डेवलपमेंटटल खिलौने, पांच साल पहले अपनी तीन महीने की बेटी की खातिर शुरू हुई थी ये काम


  • हिंदी समाचार
  • महिलाओं
  • जीवन शैली
  • चेन्नई की निशा रामासामी ने बच्चों के लिए बच्चों के लिए खिलौने का विकास किया है, इस काम को पांच साल पहले अपने तीन महीने की बेटी की खातिर शुरू किया
  • उनके बनाए प्रोडक्ट अमेजन और फ्लिपकार्ट सहित 20 प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं
  • वर्तमान में निशा के इस चरण में से 200 कारीगरों को रोजगार मिल रहा है

2016 में निशा रामासामी की तीन महीने की बेटी को स्किन से जुड़ी समस्या एटोपिक डर्मेटाइटिस हुई जिसमें त्वचा लाल हो जाती है और उस पर खुजली होती है। केवल उन्हें ये भी लगा कि इस बच्ची को प्लास्टिक के खिलौने से सभी है।

चेन्नई में रहने वाली निशा एक मॉन्टेसरी टीचर हैं। जब उसने अपनी बेटी को घुटनों के बल इधर-उधर का नेतृत्व किया और कई चीजों के साथ खेलते हुए देखा तो उसे ये लगा कि क्यों न कुछ ऐसे खिलौने बनाए जाएं जिससे बेटी को स्किन सब होने का डर न रहे। अपनी इसी सोच के साथ निशा ने कारपेंटर की मदद से लकड़ी के खिलौने बनाए।

अरिरो वुडन टॉयज की पूरी टीम के साथ निशा।

अरिरो वुडन टॉयज की पूरी टीम के साथ निशा।

वैसे भी बाजार में न्यू बोर्न से लेकर तीन साल तक के बच्चों के लिए मिलने वाले खिलौनों की संख्या काफी कम है। निशा कहती हैं – ” वो वो उम्र होती है जब एक शिशु का विकास होता है और वो बोलना सीखता है। इसलिए इस उम्र के बच्चों का खास ध्यान रखा जाना चाहिए ”।

तब निशा ने नीम की लकड़ी से शिशु के लिए टीथर और रेट्रोल्स बनाना शुरू किया। निशा के अधिकांश मिलने-जुलने वाले लोग भी पैरेंट्स हैं। उन्हें निशा का ये क्रिएशन बहुत पसंद आया। उन्होंने अपने बच्चों के लिए भी निशा को इसी तरह के खिलौने बनाने के लिए दी। यहीं से निशा के फाउंडेशन ‘अरिरो वुडन टॉयज’ की शुरुआत हुई। निशा ने पति वसंत के साथ मिलकर 2018 में इसे शुरू किया।

निशा द्वारा डिजाइन किए खिलौनों को कारीगर बनाते हैं।

निशा द्वारा डिजाइन किए खिलौनों को कारीगर बनाते हैं।

अपने कप अप को आगे बढ़ाने के लिए इस कपल ने स्वीडन, इंडोनेशिया और चीन की यात्रा कर वहाँ बनने वाले खिलौने के बारे में ली। में उन्होंने ये भी जाना कि इन खिलौनों पर किस तरह का धोखा होता है और ये दुकान द्वारा अधिक समय तक कैसे रखा जाता है।

विश्लेषकों के लिए निशा ने कुछ इस तरह के टीथर डिजाइन किए हैं।

पेटेंट के लिए निशा ने कुछ इस तरह के टीथर डिजाइन किए हैं।

वहाँ से लौटने के बाद निशा ने लोकल कारीगरों को खिलौने बनाने से जुड़ी कई बारीकियों को सीखाया। अपने चरण अप के जरिये निशा नौनिहालों के लिए पजल्स, रेट्रो, टीथर्स, स्लाइडर्स, स्टेप स्टूल और इंडोर जिम एसेसरीज डिजाइन करती हैं। उनके बनाए प्रोडक्ट्स अमेजन और फ्लिपकार्ट सहित 20 प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। वर्तमान में निशा के इस चरण में से 200 कारीगरों को रोजगार मिल रहा है।



https://www.bhaskar.com/girls/life-style/information/nisha-ramasamy-of-chennai-is-developing-toys-for-children-for-children-started-this-work-five-years-ago-for-the-sake-of-her-three-month-old-daughter-127792391.html

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

sixteen + 20 =