एम। श्रावणी, जो आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में एक दिन के कलेक्टर बन गए थे, कलेक्टर की कुर्सी पर बैठे, सरकारी गर्ल्स हाई स्कूल भी गए। आंध्रप्रदेश के अनंतपुर में एक दिन की कलेक्टर बनीं एम। श्रावणी, कलेक्टर की कुर्सी पर बैठकर निपटाया कामकाज, सरकारी कन्या हाई स्कूल का दौरा भी किया


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2 घंटे पहले

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88 1602746161 एम। श्रावणी, जो आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में एक दिन के कलेक्टर बन गए थे, कलेक्टर की कुर्सी पर बैठे, सरकारी गर्ल्स हाई स्कूल भी गए।  आंध्रप्रदेश के अनंतपुर में एक दिन की कलेक्टर बनीं एम।  श्रावणी, कलेक्टर की कुर्सी पर बैठकर निपटाया कामकाज, सरकारी कन्या हाई स्कूल का दौरा भी किया
  • श्रावणी के पिता किसान हैं और माता मज़बूत करती हैं
  • लॉटरी पद्धति से चयनित होने के बाद श्रावणी ने बखायदा कलेक्टर की कुर्सी पर बैठकर कामकाज निपटाया

आंध्रप्रदेश के अनंतपुर में एम। श्रावणी को एक दिन की कलेक्टर बनने का मौक़ा मिला। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्रा, 16 वर्ष की श्रावणी ने इस दौरान दो महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर किए और शहर का दौरा किया। श्रावणी के पिता किसान हैं और मां मज़बूत करती हैं। उसे कलेक्टर बनने का अवसर 11 अक्टूबर को आंतरिक बालिका दिवस को एक विशेष योजना के तहत मिला।

33 1602746195 एम। श्रावणी, जो आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में एक दिन के कलेक्टर बन गए थे, कलेक्टर की कुर्सी पर बैठे, सरकारी गर्ल्स हाई स्कूल भी गए।  आंध्रप्रदेश के अनंतपुर में एक दिन की कलेक्टर बनीं एम।  श्रावणी, कलेक्टर की कुर्सी पर बैठकर निपटाया कामकाज, सरकारी कन्या हाई स्कूल का दौरा भी किया

ज़िला प्रशासन ने तय किया था कि उस दिन सभी सरकारी विभागों की कमान बालिकाएं ही संभालेंगी। लॉटरी पद्धति से चयनित होने के बाद श्रावणी ने बखायदा कलेक्टर की कुर्सी पर बैठकर कामकाज निपटाया। उसने शोषण की शिकार एक महिला के लिए मुआवज़े के तौर पर 25 हज़ार रुपए स्वीकृत किए।

00 1602746235 एम। श्रावणी, जो आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में एक दिन के कलेक्टर बन गए थे, कलेक्टर की कुर्सी पर बैठे, सरकारी गर्ल्स हाई स्कूल भी गए।  आंध्रप्रदेश के अनंतपुर में एक दिन की कलेक्टर बनीं एम।  श्रावणी, कलेक्टर की कुर्सी पर बैठकर निपटाया कामकाज, सरकारी कन्या हाई स्कूल का दौरा भी किया

उन्होंने बतौर कलेक्टर यह आदेश जारी किया कि महिलाओं पर कई तरह की ज़िम्मेदारियाँ होती हैं, इसलिए पूरे ज़िले में किसी भी सरकारी विभाग में महिलाओं को रात आठ बजे से सुबह आठ बजे तक किसी भी आधिकारिक कार्य के लिए नहीं कहा जाएगा। उन्होंने इलाक़े का दौरा करके अधिकारियों को निर्देश दिया और सरकारी कन्या हाई स्कूल का निरीक्षण भी किया।



https://www.bhaskar.com/ladies/way of life/information/m-shravani-who-became-a-day-collector-in-anantapur-andhra-pradesh-disposed-of-sitting-on-the-chair-of-the-collector-also-visited-the-government-girls-high-school-127815570.html

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